Saturday, 1 December 2018

इतिहास की 3 सबसे खतरनाक जेल Most Dangerous Prisons From History


Most Dangerous Prisons From History in Hindi: जेल की दीवारें सिक्के के दो पहलू की तरह होते हैं जिनके एक तरफ तेज रफ्तार दुनिया अपनी गति से आगे बढ़ती है, वही दीवार के इस बार मानो वक्त थम सा जाता है। लेकिन जेल इसी का नाम है, जो कैदियों को उनकी गलती का एहसास कराती है। दोस्तों अब तो कैदियों को अपनी रिहाई तक का समय काटना पड़ता है। लेकिन इतिहास इन्हीं कैदियों पर बहुत बेरहम रहा है। जहां यह कैदी रिहाई तो बहुत दूर की बात है, बल्कि वह अपने जीने की आस तक छोड़ देते थे। कैदियों को इंतजार रहता था तो केवल मौत आने का, जो उन्हें इस दर्दनाक जिंदगी से छुटकारा दिला सके। दोस्तों आज हम अपना का यह पोस्ट इतिहास के ऐसे ही निर्दयी कारागार (जेल) के बारे में है, जिनकी यातनाएं अर्थात सजा जानकर किसी भी इंसान की रूह कांप सकती है। Most Dangerous Prisons From History.


Death Coffins:Mangolia

रूस और चीन के बीचो बीच मौजूद पूर्वी एशिया का देश मंगोलिया कभी अपने कैदियों को ऐसी यातनाएं देता था जिनके बारे में सोच कर, किसी की भी रूह कांप सकती है। 20वी सदी की शुरुआत तक इस देश में कैदियों को दंड के रूप में 3/4  फिट के एक बक्से में कैद कर दिया जाता था। जिसमें कैदी ना ठीक से बैठ सकता था और ना ही लेट सकता था। मंगोलिया में मौजूद ‘पुरकाजी’ में ऐसी लाखों कैदियों ने तड़प-तड़प कर अपनी जाने दे दी। जहां उन लोगों को इन्हीं बक्सों में कैद कर दिया जाता था। डेथ कॉफीनस (Death Coffins) नाम से मशहूर 3/4 के यह बक्से कहने को तो सजा देने के लिए बनाए गए थे, लेकिन असल में यह अपने नाम की तरह मौत का साधन थे। जिस में जाने के बाद किसी की रिहाई तब तक नहीं होती थी, जब तक कि वह अपने प्राण ना त्याग दें। लगभग 6 इंच का एक छोटा सा छेद जो खाना खाने के लिए होता था। वहीं कैदियों द्वारा किए गए मल-मूत्र को भी कई हफ्तों तक इस बक्से से साफ नहीं किया जाता था। इतनी यातनाएं देने के बाद भी अगर इन कैदियों पर कोई दया की जाती थी तो वह यह थी यह लोग अपनी मर्जी से सर्दियों के मौसम में खुले आसमान के नीचे इन बक्सों में रह सकते हैं। ताकि पारा(तापमान) गिरने से इनकी मौत हो सके। शायद अपनी जिंदगी के आखिरी पलों में खुले आसमान के नीचे अपनी जान देना पूरी जिंदगी इस नर्क में सड़ने से कहीं बेहतर रहा होगा।

Memertine Prison: Rome

माना जाता है कि प्राचीन रोम के सम्राट ‘अंकस मार्सेस’ ने ही सबसे पहले दंड देने की प्रथा की शुरुआत की थी। और 640 ईसवी पूर्व में सजा देने के लिए एक कारागार भी बनवाई थी जिसे आज हम ‘मेमेटीन कारागार’  के नाम से जानते हैं। यह कोई खुले आसमान के नीचे चार दीवारों से घिरी जेल नहीं थी, बल्कि एक भूमिगत नाला था। जिसकी गहराई लगभग 6.30 फीट, और लंबाई 30 फीट थी। लगभग 22 फीट चौड़ाई वाले इस नाले से होकर पूरे इलाके का मल-मूत्र बहता था। जहां कैदियों को उनकी सजा की सुनवाई तक रहना पड़ता था। किस्मत से राजा के सामने अगर पेशी हुई तो ठीक वरना कई दिनों तक भूखे-प्यासे कैदी इस नाले में ही अपना दम तोड़ देते थे। माना जाता है कि सुनवाई तो एक बहाना थी असल में इस कारागार के वजूद में आने की असली वजह ही कैदियों को मौत देना था। जिससे कि पूरे शासन को याद रहे कि जिस किसी ने भी कानून का उल्लंघन करने की कोशिश की उसे ऐसी क्रूर यातनाएं झेलनी पड़ सकती हैं।इस नाले को कारागार के रूप में इस तरह से बनाया गया था कि जिस किसी की भी मौत इसके अंदर हो, उनके शव खुद ब खुद एक दरवाजे के रास्ते नदी में बह कर बहुत दूर चले जाएं। खैर मेमेटीन कारागार तो आज के दौर में एक चर्च के रूप में परिवर्तित हो गया। लेकिन ईसापूर्व के उस युग में इसने कितने कैदियों की दर्दनाक तरीके से जान ली होगी शायद हम कल्पना भी नहीं कर पाएं। Most Dangerous Prisons From History

Andersonville: Civil War

अमेरिकी सिविल वॉर एक ऐसा गृह युद्ध जिसने सदियों से चली आ रही स्लेवरी यानी गुलामी की प्रथा को जड़ से उखाड़ दिया और लाखों गुलामों को आजादी से रहने और जीने का हक दिलाया। लेकिन दोस्तों गुलामी से आजादी वाली इस सुबह तक का सफर इतना आसान नहीं था। दोस्तों वह सोच जिसने क्रांति का रुप ले लिया और अपने ही नागरिकों को बागी बना दिया।
साल 1861 से लेकर 1865 तक चलने वाले इस युद्ध में उन लोगों को बंदी बनाया गया जो गुलामी के विरोध में खड़े हुए थे। इन लोगों का बलिदान सिर्फ कैद होने तक सीमित नहीं था, क्योंकि जिस कारागार में उन्हें कैद किया गया था उस जेल का नाम था ‘एंडरसन विलय’। एक ऐसा कारागार जिसके आगे शायद नर्क भी बेहतर जगह लगे। दोस्तों इतिहासकार इस जेल के बारे में बतलाते हैं कि इस युद्ध के दौरान एंडरसन विलय अपनी क्षमता से 4 गुना ज्यादा कैदियों से भरी हुई थी। जहां कैदियों के खाने पीने का कोई इंतजाम नहीं था। यहां तक कि वह लोग मल-मूत्र भी वही करते थे। कुछ भूख और प्यास से दम तोड़ देते थे और बचे हुए कैदियों को जानलेवा बीमारी घेर लेती थी।
एंडरसन विलय के इन भयानक हालातों पर कई लेख भी लिखे गए, जहां उन बंदियों को एक जिंदा लाश तक बताया गया।
दोस्तों युद्ध तो समाप्त हुआ दोषियों पर कार्यवाही भी की गई, लेकिन इन कैदियों को इंसाफ कभी ना मिल सका। और गुलामी से जो आजादी मिली उसका जश्न मनाने के लिए ये लोग अब जिंदा नहीं थे।

Labels:

भारत के 13 ऐसे जबर्दस्त फैक्ट्स जिन्हें आप शायद ही जानते हों...

1. तैरता हुआ डाकघर
वैसे तो भारत में डाक का सबसे बड़ा नेटवर्क है, जहां 1,55,015 डाकघर हैं. एक अकेला डाकघरलगभग 7,175 लोगों की मदद हेतु तत्पर रहता है. देश के ऐसे डाकघर में श्रीनगर के डल झील का डाकखाना भी शामिल है. यह तैरता हुआ डाकघर है और इसकी शुरुआत साल 2011 में हुई थी.
2. कुंभ मेले की भीड़ अंतरिक्ष से भी दिखती थी
साल 2011 में संगम के तट पर आयोजित कुंभ मेले में पूरी दुनिया की ऐसी भीड़ जुटी थी कि इस भीड़ को 
अंतरिक्ष से भी देखा गया था. है न हैरानी वाली बात?
3. दुनिया में सबसे अधिक बारिश वाली जगह भारत में है
भारत के मेघालय प्रांत के खासी पहाड़ियों पर स्थित मौसिनराम नामक जगह में इतनी बारिश होती है कि एक आम आदमी इनकी कल्पना तक नहीं कर सकता. इससे पहले यह रिकॉर्ड मेघालय के चेरापूंजी के नाम था.
4. बांद्रा-वर्ली समुद्री जोड़ में पृथ्वी के व्यास के बराबर स्टील लगा है
इस पुल को बनाने में 2,57,00,000 मानवीय घंटे लगे और इसका कुल भार 50,000 अफ्रीकी हाथियों के बराबर है. यह मानव कला का बेजोड़ नमूना है.
5. दुनिया का सबसे ऊंचा क्रिकेट ग्राउंड
चायल हिमाचल प्रदेश का एक ऐसा स्थान है जहां एक मिलिट्री स्कूल भी है. इसे साल 1893 में बनाया गया था और 2,444 मीटर के ऐल्टिट्यूड पर यह पूरी दुनिया का सबसे ऊंचा क्रिकेट ग्राउंड है.
6. शैम्पू का आविष्कार भारत में हुआ है
हो सकता है कि आप इस फैक्ट को जानकर थोड़े अचंभित हुए हों, क्योंकि पहले लोग मिट्टी से बाल धुलने में यकीन रखते थे, मगर शैम्पू शब्द संस्कृत भाषा के चंपू शब्द से निकला है. चम्पू का अभिप्राय मसाज से है.
7. भारत की राष्ट्रीय कबड्डी टीम ने साले वर्ल्ड कप जीते हैं
वैसे तो हम सभी क्रिकेट के दीवाने हैं और वर्ल्ड कप का नाम आते ही क्रिकेट ही याद आता है, जैसे कभी हॉकी याद आया करता था. हालांकि, भारत की पुरुष व महिला कबड्डी टीम ने अब तक संपन्न हुए सारे वर्ल्ड कप जीते हैं.
8. चंद्रमा पर भारत ने ही पहलेपहल पानी खोजा था
यह बात है सितंबर 2009 की. भारत के चंद्रयान नामक सैटेलाइट ने चंद्रमा के मिनरलॉजी मैपर की मदद से चंद्रमा के सतह पर पहली बार पानी खोज निकाला था.
9. स्विटजरलैंड में साइंस डे भारत के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को समर्पित है
अब तो आपको समझ में आ ही गया होगा कि कलाम साहब की इज्जत सिर्फ हमारे देश में ही नहीं है, बल्कि दुनिया भर में उनके दीवाने हैं. मई 26 को वहां साइंस डे के तौर पर बनाया जाता है.
10. भारत के पहले राष्ट्रपति सिर्फ आधी सैलरी लेते थे
डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद को आजाद भारत का एक ऐसा राष्ट्रपति माना जाता है जो जीवनपर्यंत जमीन से जुड़ा रहा. अपने खांटीपन के लिए मशहूर यह शख्स राष्ट्रपति को दी जाने वाली तनख्वाह 10,000 का सिर्फ 50 फीसद हिस्सा ही लेता था.
11. भारत के पहले रॉकेट को साइकिल पर ले जाया गया था
भारत का पहला रॉकेट इतना हल्का था कि इसे लॉन्चिंग स्टेशन पर साइकिल के करियर पर रख कर ले जाया गया था.
12. भारत में हाथियों के लिए स्पा बाथ की व्यवस्था है
भारत में हाथियों को धार्मिक तौर पर भी मान्यता प्राप्त है. यहां लोग उन्हें बेहद सम्मान से देखते हैं. केरल में ऐसी कई जगहें हैं जहां हाथी को नहला-धुला कर चमकाया जाता है.
13. दुनिया में दूसरे सबसे अधिक अंग्रेजी बोलने वाले भारत में हैं
अब इसे अंग्रेजों का प्रभाव कहें या फिर अंग्रेजी बोलने पर मिलने वाले बेहतर रोजगार, मगर भारत अंग्रेजी बोलने वालों के मामले में अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर आता है.

Labels:

Amazing Facts About Animals in Hindi

1. व्हेल मछली सबसे बढ़ी मछली होती है यह 18 मीटर लंबी होती है 
2.लगभग 600 समुद्री जीव ऐसे है जो अपने शरीर से प्रकाश पैदा करते है 
3.समुद्री धोड़े की आंखे ऐसी होती है की यह एक ही समय में २ दिशायो में अपनी दृष्टि केंद्रित कर सकता है
4.मगरमच्छ जब भोजन करता है तभी वह आंसू बहता है
5.चीता दौड़ने में सभी जानवरो से तेज़ है वह 96 कलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से दौड़ता है
6.यदि गोल्डफिश को लंबे समय तक अँधेरे कमरे में रख दिया जाये तो उसका रंग सफ़ेद हो जाता है 
7.कंगारू 10 फुट की उचाई तक कूद सकता है
8.सोते समय डॉल्फिन की एक आंख खुली रहती है
9.लगभग सभी प्राणियों के शरीर में एक ही Heart होता है . पर कटर फिश ऐसी मछली है जिसके शरीर में 3 heart होते है
10.केचुए अपने वजन से १० गुना वजन खीच सकता है
11.आंख की मांसपेशियां एक दिन में 100000 बार हरकत करती हैं

Labels:

कुंभ मेले से जुड़ा रहस्य और इतिहास Kumbh Mela Mystery and History



Kumbh Mela Mystery and History in Hindi:- कुंभ पर्व हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें लाखों करोड़ों श्रद्धालु कुंभ पर्व स्थल हरिद्वार, प्रयाग, उज्जैन और नासिक में स्नान करते हैं। इनमें से प्रति 12 वर्ष बाद महाकुंभ यानि पूर्ण कुंभ का आयोजन किया जाता है। इसके अलावा का कुम्भ पर्व चार हिस्सों में बंटा हुआ। जैसे कि अगर पहला कुंभ हरिद्वार में होता है तो ठीक उसके 3 साल बाद दूसरा कुंभ प्रयाग में और फिर तीसरा कुंभ 3 साल बाद उज्जैन में, और फिर 3 साल बाद चौथा कुंभ नासिक में होता है। ठीक इसी तरह 4 कुंभ पर्व को मिलाकर 12 वर्ष हो जाते हैं। तब महाकुंभ यानि पूर्ण कुंभ मनाया जाता है, जो कि 12 वर्षों में एक बार होता है। इसके अलावा हरिद्वार और प्रयाग में 2 कुंभ पर्व के बीच 6 वर्ष के अंतराल में अर्धकुंभ भी मनाया जाता है। और आखिरी अर्धकुंभ 2016 में हरिद्वार में आयोजित किया गया था।
पर क्या आपको पता है की आखिर महाकुंभ का पर्व आयोजन प्रत्येक 12 वर्षों में हरिद्वार, प्रयाग, उज्जैन और नासिक में ही क्यों किया जाता है? आखिर क्यों इतनी भारी मात्रा में नागा साधु, सन्यासी और साधु-संत इस कुंभ के महापर्व पर जल में डुबकी लगाते हैं? आखिर क्या लिखा है पुराणों में कुंभ पर्व के बारे में? इन सारी बातों पर आज हम इस पोस्ट में चर्चा करेंगे…
कुम्भ एक ऐसा पर्व है, ऐसा त्यौहार है जिसे अगर कोई अपनी आंखों से ना देखें तो वह इसे नहीं समझ सकता। इसका महत्व और मेले का उल्लास वही समझ सकता है जिसने खुद कुंभ के अद्भुत और पवित्र वातावरण को प्रत्यक्ष देखा और महसूस किया है। कुंभ के पावन पर्व पर चारों ओर श्रद्धालुओं की भीड़, साधु, विद्वान, ऋषि-मुनि और श्रद्धालुजन कुंभ मेले के दौरान पवित्र जल में डुबकी लगाकर खुद को पवित्र करते हैं।कहते हैं कि आज के लोगों के लिए कुंभ मेलावो जगह है जहां जाकर पवित्र जल में डुबकी लगाते है और पापों से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं। और चाहते हैं कि भगवान उन्हें मोक्ष प्रदान करें। प्रदोष को कुंभ का महत्व यहीं तक सीमित नहीं है चलिए आपको बतलाते हैं कुंभ पर्व के इतिहास के बारे में कि आखिर कुंभ की शुरुआत क्यों हुई? और यह सिर्फ हरिद्वार, प्रयाग उज्जैन और नासिक में ही क्यों मनाया जाता है?

कुंभ का इतिहास Kumbh Mela History

यह कहानी समुद्र मंथन से जुड़ी हुई है। कहते हैं महर्षि दुर्वासा के श्राप के कारण जब इंद्र और देवता कमजोर पड़ गए, तब राक्षस ने देवताओं पर आक्रमण कर उन्हें परास्त कर दिया था। सब देवता मिलकर भगवान विष्णु के पास पहुंचे और उन्हें सारा वृतांत सुनाया। तब भगवान विष्णु ने देवताओं को दैत्यों के साथ मिलकर क्षीर सागर का मंथन करके अमृत निकालने की सलाह दी। भगवान विष्णु के ऐसा कहने पर संपूर्ण देवता राक्षसों के साथ संधि करके अमृत निकालने के प्रयास में लग गए। समुद्र मंथन से अमृत निकलते ही देवताओं के इशारे पर इंद्र पुत्र ‘जयंत’ अमृत कलश को लेकर आकाश में उड़ गया। उसके बाद दैत्य गुरु शुक्राचार्य के आदेश पर राक्षसों ने अमृत लाने के लिए जयंत का पीछा किया, और घोर परिश्रम के बाद उन्होंने बीच रास्ते में ही जयंत को पकड़ा और अमृत कलश पर अधिकार जमाने के लिए देव और दानव में 12 दिन तक भयंकर युद्ध होता रहा। कहते हैं कि इस युद्ध के दौरान पृथ्वी के चार स्थानों पर अमृत कलश से अमृत की बूंदे गिरी थी। जिनमें से पहली बूंद प्रयाग में गिरी तो दूसरी शिव की नगरी हरिद्वार में इसके बाद तीसरी बूंद उज्जैन में तो चौथी बूंद नासिक में जा गिरी। यही कारण है कि कुंभ के मेले को इन्हीं चार स्थानों पर मनाया जाता है। देवताओं के 12 दिन, मनुष्य के 12 वर्ष के तुल्य होते हैं। अतः कुंभ भी 12 होते हैं। उनमें से 4 कुंभ पृथ्वी पर होते हैं और शेष 8 कुंभ देवलोक में होते हैं, जिन्हें देवगन हि प्राप्त कर सकते हैं। चलिए ज्योतिष के अनुसार जानते है की आखिर कुंभ पर्व के आयोजन की तिथि और जगह कैसे निर्धारित की जाती है।

कुंभ आयोजन की तिथ

कहते हैं कि कुंभ मेले में सूर्य और बृहस्पति का खास योगदान माना जाता है। सूर्य देव एवं गुरु बृहस्पति एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं तभी कुंभ मेले को मनाने का स्थान और तिथि का चुनाव किया जाता है। तो इसी के अनुसार जब सूर्य मेष राशि और बृहस्पति कुंभ राशि में आता है तब यह कुम्भ मेला हरिद्वार में मनाया जाता है। जब बृहस्पति वृषभ राशि में प्रवेश करता है और सूर्य मकर राशि में होता है तो यह उत्सव प्रयाग में मनाया जाता है। जब बृहस्पति और सूर्य का सिंह राशि में प्रवेश होता है तब यह महाकुंभ मेला महाराष्ट्र के नासिक में मनाया जाता है। इसके अलावा बृहस्पति सूर्य और चंद्रमा तीनों कर्क राशि में प्रवेश करें और साथ ही अमावस्या का दिन हो तब भी कुंभ नासिक में ही मनाया जाता है। और अंत में कुंभ मेला उज्जैन में तब मनाया जाता है जब बृहस्पति सिंह राशि में प्रवेश करें और सूर्य देव मेष राशि में प्रवेश कर रहे हो। सूर्य देव का सिंह राशि में प्रवेश होने के कारण मध्यप्रदेश के उज्जैन में मनाया जाने वाला कुंभ सिंहस्थ कुंभ कहलाता है। पिछला सिंहस्थ कुंभ अप्रैल 2016 में आयोजित किया गया था। यह पर्व 12 वर्ष के पश्चात उज्जैन की भूमि पर मनाया गया।

भागवत गीता की यह बातें आपको हैरान कर देगी

पौराणिक कथाओं के अनुसार अमृत कलश से अमृत की चार बूंदे जो धरती पर गिरी थी वह नदी में रूप ले लिया। यह चार पवित्र नदियां हैं हरिद्वार में गंगा, नासिक में गोदावरी, इलाहाबाद में संगम यानी गंगा जमुना सरस्वती और उज्जैन में शिप्रा नदी की। इनसब का अपनी महिमा और महत्व है। गंगा, यमुना, सरस्वती जैसी महा नदियों की तरह शिप्रा नदी भी महान है। शिप्रा नदी को पहाड़ों से बहने वाली नदी कहा जाता है। लेकिन मान्यतानुसार यह नदी धरती के कोख से जन्म ली थी। कहते हैं कि इस नदी का जल इतना पवित्र है कि इसमें स्नान करने वाले लोगों के सभी कष्ट और दुख दूर हो जाते हैं और जीवन में खुशहाली आती है।
स्कंद पुराण में यह उल्लेख मिलता है की भारत के सभी पवित्र नदियां उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है, लेकिन शिप्रा नदी एक ऐसी नदी है जो उत्तरगामी है यानी कि यह उत्तर दिशा की ओर बहने वाली नदी है। आगे चलकर यह चंबल उप नदी में मिल जाती है। कुर्मा पुराण के अनुसार कुंभ उत्सव में स्नान करने से सभी पापों का विनाश होता है, और मनोवांछित फल प्राप्त होता है। यहां स्नान से देव लोक भी प्राप्त होता है। भविष्य पुराण के अनुसार कुंभ स्नान से पुण्य स्व स्वरुप मिलता है, और मोक्ष की प्राप्ति होती है। दोस्तों हो सके तो आप अपने जीवनकाल में एक बार कुंभ स्नान जरूर कीजिएगा। और अगर आपने कुंभ जैसे पवित्र स्थान में हिस्सा लिया है तो अपने अनुभव हमें कमेंट बॉक्स में लिखिएगा।

Labels:

Friday, 30 November 2018

चमकदार चेहरा कैसे पाएं Tips for Glowing skin in Hindi


Tips for Glowing skin in Hindi Beauty Tips: बेदाग सुंदर और दमकता चेहरा भला किसे पसंद नहीं आता। दाग धब्बे निशान, झाइयां, झुर्रियां और मुरझाया हुआ चेहरा अच्छा नहीं लगता। बढ़ती उम्र तेज धूप प्रदूषित वातावरण अनियमित खानपान व्यस्त जीवन शैली और कई बीमारियों के कारण चेहरे से संबंधित कई तरह की आम समस्या हो सकती है।
लेकिन दोस्तों चेहरे पर चमक तभी आती है जब सही खानपान हो और शरीर स्वस्थ हो। तो इन सभी समस्याओं से छुटकारा पाने का बहुत ही सरल और आसान उपाय हम आपको बताने वाले है। दोस्तों अपने खानपान में कुछ ऐसे बदलाव लाइए जो कि आपकी त्वचा की चमक को बनाए रखें जो कि किसी कृत्रिम उपाय से संभव नहीं है। इसीलिए आज हम आपको अपने आज के पोस्ट Tips for Glowing Skin in Hindi में यह बताने जा रहे हैं की अपनी डाइट (खान-पान) में क्या शामिल करें जिससे कि आपके चेहरे का निखार बढ़ती उम्र में भी बरकरार रहे।

Tips for Glowing Skin in Hindi



आमला
दोस्तों आंवले को खाली पेट खाएं, इस में पाया जाने वाला विटामिन ए कोलेजन का निर्माण करता है। जो त्वचा की कसावट को बनाए रखने में सहायक होता है।
गाजर
गाजर का सेवन आप सभी नियमित करें, क्योंकि गाजर में पाया जाने वाला बीटा कैरोटीन त्वचा को सेहतमंद रखने में सहायक होता है।

सुबह का नाश्ता

आपको अच्छी सेहत और सुंदर त्वचा चाहिए तो आप सुबह का नाश्ता जरूर कीजिए। नाश्ते में आप दूध, अखरोट, बादाम, ताजा फल, ब्रेड आदि को शामिल कर सकते हैं। इन में पाए जाने वाले प्रोटीन और फाइबर से चेहरे पर छाइयां नहीं पड़ती है, और आपका दिल भी स्वस्थ रहता है। 

सेब

आप सभी सेब का भी सेवन जरूर करें, क्योंकि सेब में पाया जाने वाला ‘विटामिन सी’ से असमय यानी कि टाइम से पहले ही छाइयां नहीं पड़ती। इसीलिए सेब का सेवन मुख्य तौर पर अवश्य करें।

स्ट्रॉबेरी

स्ट्रॉबेरी में मौलिक एसिड पाया जाता है, जिससे की त्वचा में निखार आता है इसीलिए आप सभी स्ट्रॉबेरी को अपने डाइट प्लान में जरूर शामिल करें।

दही

दोस्तों आप दोपहर के खाने में दही का सेवन जरूर करें। दही में जिंक कैल्शियम और विटामिन B प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो त्वचा को कोमल बनाए रखने में और हड्डियों को मजबूत रखने में सहायक होता है।

चुकंदर

चुकंदर में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो की त्वचा में निखार के साथ-साथ कसावट लाने में भी सहायक हैं। यह खून में हीमोग्लोबिन को बढ़ाता है, इसीलिए चुकंदर को सलाद सब्जी के रूप में जरूर शामिल करें। 

ताजी हरी सब्जियां

ताजी हरी सब्जियों को उबाल कर खाने से चेहरा ताजा और खिलखिला नजर आता है और चेहरे पर कील मुंहासे भी नहीं निकलते।
केला मूंगफली और बटर का सेवन करें। यह हमारे शरीर में मेटाबॉलिज्म को बढ़ाते हैं, जिससे कि त्वचा का पीलापन दूर होता है और चेहरे पर डार्क सर्कल ही नहीं बनते।
अगर आप अपने चेहरे को तरोताजा बनाए रखना चाहते हैं तो छाछ, पत्ता गोभी, टमाटर, शिमला मिर्च, बींस, दाल, सोयाबीन, मछली, फल इत्यादि को भरपूर मात्रा में अपने आहार में शामिल करें। इनमें विटामिन ए होता है जो त्वचा को लचीला और मुलायम बनाए रखता है, और त्वचा से दाग धब्बों को दूर रखता है।
दोस्तों गर्मी हो या सर्दी पानी पीने का भी ध्यान रखिए। 
आपको स्ट्रेस बढ़ाने वाले फूड अर्थात खान-पान से भी बचना होगा। जैसे कि चीनी, मैदा, अधिक पका हुआ भोजन, जंक फूड, तैलीय पदार्थ, चॉकलेट, बिस्किट, केक, पेस्ट्री और सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन कम या बंद कर दें। और हो सके तो अधिक चाय और कॉफी के सेवन से भी बचें।
खुद को एक अच्छी रूटीन का आदी बनाएं। योग, ध्यान और व्यायाम को अपनी डेली रूटीन का हिस्सा बनाएं। जिससे कि आप लंबे अंतराल तक अपने आप को जवान बनाए रख सकते हैं।
तो दोस्तों यह थी आपके खाने पीने की बात जो आपकी चमकदार और सुंदर त्वचा के लिए बहुत जरूरी है|


Labels:

दुनिया के सात नए अजूबे Seven Wonders of The World 2018 in Hindi

New Seven Wonders of The World in Hindi:- दुनिया के सात अजूबे ऐसे प्राकृतिक और मानव निर्मित संरचनाओं का संकलन है। जो अपनी अद्भुत कला संरचना और खूबसूरती से मनुष्य को आश्चर्यचकित करती है। प्राचीन काल से वर्तमान काल तक दुनिया के अजूबों की ऐसी कई विभिन्न सूचियां तैयार की गई है। लगभग 2200 साल पहले यूनान के विद्वानों ने दुनिया के सात अजूबों की सूची तैयार की थी और यही सात अजूबे लगभग 2100 सालों तक दुनिया में प्रचलित रहे। लेकिन 1999 में इसमें बदलाव करने की बात चली क्योंकि पुराने अजूबों में अधिकांश टूट-फूट चुके थे। Seven Wonders of The World
2000 पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में दुनिया के सात नए अजूबे “New Seven Wonders of The World” की घोषणा की गई। दुनिया के सात नए अजूबे “New Seven Wonders of The World” में गीजा का पिरामिड, बेबीलोन के झूलते बाग़, ओलंपिया में ज्यूस की मूर्ति, आर्कमिडीज का मंदिर, माउसोलस का मकबरा, रोड्स की विशाल मूर्ति, और अलेक्जेंड्रिया के रोशनी घर, शामिल थे वर्तमान में गीजा के पिरामिड के अलावा अन्य सभी अजूबे ध्वस्त हो चुके हैं। तो चलिए आपको अपनी इस पोस्ट में बतलाते हैं दुनिया के सात नए अजूबे (New 7 wonders of the modern world) के बारे में…..
1.चीन की दीवार The Great Wall of China
चीन की उत्तरी सीमा पर बनाई गई यह दीवार दुनिया की सबसे लंबी मानव निर्मित संरचना है। यह करीब 6500 किलोमीटर लंबी है और इसकी ऊंचाई 35 फीट है। यह दीवार चीन को सुरक्षा देती है। इस दीवार का निर्माण 5वीं सदी ईसा पूर्व में शुरू हुआ और 16वीं सदी तक जारी रहा। Seven Wonders of The World.
  1. जॉर्डन का पेट्रा History of Petra

पश्चिम एशिया के जॉर्डन में स्थित पेट्रा एक ऐतिहासिक शहर है। यह लाल बलुआ पत्थरों से बने इमारतों के लिए प्रसिद्ध है। यहां मौजूद इमारतों में 138 फुट ऊंचा मंदिर ओपन स्टेडियम, नहर, तालाब आदि शामिल है। यहां के दीवारों पर की गई नक्काशी बहुत खूबसूरत है।
  1. क्राइस्ट द रिडीमर ब्राजील Christ the Redeemer (statue)

क्राइस्ट द रिडीमर (प्रतिमा), माउंट कोरकोवाडो रियो डी जनेरियो, दक्षिण ब्राजील के शिखर पर ईसा मसीह की पुर्तगाली विशाल प्रतिमा स्थापित है। करीब 32 मीटर ऊंची इस मूर्ति का वजन 700 टन है। इसका निर्माण 1922 से 1931 के बीच किया गया था। Seven Wonders of The World
  1. ताजमहल Taj Mahal History

मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज की याद में ताजमहल का निर्माण करवाया था। बेपनाह मोहब्बत के निशानी ताजमहल को बनकर तैयार होने में करीब 20 साल का वक्त लगा था। ताज को मुगल कला की उत्कृष्ट नमूना माना जाता है।
  1. रोम का कोलोसियम Roman Colosseum History

यह एक विशाल स्टेडियम है जिसका निर्माण 17वी सदी में यहां के एक सम्राट ने शुरू करवाया था। कहा जाता है कि इस स्टेडियम में 50000 लोग जंगली जानवरों और गुलामों के बीच खूनी लड़ाई का खेल देखते थे। इस स्टेडियम की वास्तुकला ऐसी है इसकी नकल करना संभव नहीं है। Seven Wonders of The World
  1. चीचेन इट्ज़ा पिरामिड मेक्सिको Chichen Itza Pyramid

मेक्सिको में स्थित चीचेन इट्ज़ा ‘माया सभ्यता’ की सबसे प्राचीन शहरों में एक है। यहां कुक्कुलन का पिरामिड, चाक मूल का मंदिर, हजार पिलर का हाल, और कैदियों के लिए बनाया गया खेल के मैदान आज भी देखे जा सकते हैं। यहां कुक्कुलन का पिरामिड स्थित है जो 79 फीट ऊंचा है। जिसके चारों दिशाओं में 91 सीढ़ियां हैं। इसकी हर सीढ़ी साल के 1 दिन का प्रतीक है। इस पिरामिड के ऊपर बना चबूतरा साल के 365 में दिन का प्रतीक है।
  1. माचू पिच्चू पेरू Machu Picchu History

दक्षिण अमेरिकी देश पेरू में जमीन से 4230 फीट की ऊंचाई पर ‘माचू पिच्चू’ नाम का शहर है। इसे 15वीं शताब्दी में बसाया गया था। एंडीज पर्वतों के बीच यह शहर इंका सभ्यता का शहर है। माना जाता है कि पहले यह नगर संपन्न हुआ करता था पर बाद में स्पेन के आक्रमणकारी अपने साथ चेचक जैसी बीमारियां लेकर आए जिससे धीरे-धीरे यह शहर पूरी तरह से तबाह हो गया।

Labels:

Thursday, 29 November 2018

50+ भारत के आश्चर्यजनक तथ्य – Amazing Facts About India in Hindi

1. भारत, दुनिया की सबसे प्राचीन और विकसित सभ्यताओ वाला देश है.
2. तक़रीबन 17 वी शताब्दी तक भारत दुनिया का सबसे अमीर देश था.
3. चाइना और USE के बाद अब भारत के पास भी सबसे सशक्त आर्मी दल है.
4. वैटिकन सिटी और मक्का को देखने जितने लोग आते है, उन दोनों को मिलाकर उससे भी ज्यादा लोग तिरुपति बालाजी मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर देखने आते है.
5. भारत ने ही जीरो “0” की खोज की है.
6. भारत में हर 12 साल में एक बार कुम्भ मेले का आयोजन किया जाता है, जहा सभी धर्म के लोग एकत्रित होते है, इस लिहाज से यह दुनिया का सबसे बड़ा मेला है.
7. कुम्भ मेले में आने वाले सभी धर्म के लोगो की संख्या इतनी अधिक होती है की उन्हें अंतराल में से भी देखा जा सकता है.
8. चाय भारत का राष्ट्रिय पेय है.
9. भारत का नाम “इंडस” नदी से लिया गया है.
10. इंडस घाटी की सभ्यता दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यता मानी जाती है.
11. दुनिया में वाराणसी आज एक सबसे प्राचीन और सबसे विकसित सिटी के रूप में जानी जाती है.
12. किसी भी देश की तुलना में भारत में सबसे ज्यादा मस्जिद है. (तक़रीबन 300000 मस्जिद है).
13. मुस्लिम जनसँख्या की लिहाज से भारत तीसरे नंबर पर है.
14. तक्षशिला को दुनिया की पहली यूनिवर्सिटी माना जाता है, जिसे 700 BC में शुरू किया गया था.
15. आज विद्यार्थियों की संख्या को देखते हुए लखनऊ की द सिटी मोंटेसरी स्कूल दुनिया की सबसे बड़ी स्कूल है. उस स्कूल में तक़रीबन 45000 बच्चे पढ़ते है.
16. भारतीयों रेलवे तक़रीबन 1.3 लाख लोगो को रोजगार दे रही है. जो किसी भी एक देश की जनसँख्या से कई ज्यादा है.
17. भारत में हर साल जन्म लेने वाले नच्चो की संख्या भी ऑस्ट्रेलिया और दुसरे देशो से ज्यादा है.
18. विश्व में सबसे ज्यादा इंग्लिश बोलने वाले लोग भारत में ही है.
19. एक अनुमान के अनुसार दुनिया का तक़रीबन 25% वर्कफोर्स अगले साल से भारत में ही निर्मित किया जायेंगा.
20. भारत का पहला राकेट साइकिल और पहली सॅटॅलाइट बैल गाड़ी पर लायी गयी थी.
21. भारत का बजट शक्तिशाली न होने के बावजूद भी भारतीय स्पेस प्रोग्राम दुनिया के टॉप 5 स्पेस प्रोग्राम में शामिल है.
22. 2014 के चुनाव में तक़रीबन 54 करोड़ से भी ज्यादा लोगो ने वोटिंग की थी- जो USA, UK. आस्ट्रलिया और जापान की सांघिक जनसँख्या से भी ज्यादा है.
23. 2004 में, 200 महिलाओ ने कानून को अपने हातो में लेकर और सब्जी काटने का चाकू और लालमिर्च लेकर कोर्ट आई थी और एक सीरियल रेपिस्ट का मर्डर भी किया था. जिसका नाम अक्कू यादव था. उस समय हर-एक महिला को मर्डर का जिम्मेदार ठहराया गया था.
24. इंग्लिश कलाकार सर बेन किंग्सले का जन्म नाम कृष्णा पंडित भांजी है और वे भारतीय मूल के ही है.
25. भारत के महाराष्ट्र में स्थित लोनर सरोवर भारत में खारे पानी का सबसे बड़ा सरोवर है.

Interesting Facts And Amazing Facts About India

26. भारत के शनि शिंगनापुर में लोग बिना दरवाजो के अपने घरो में रहते है। क्योकि उनका ऐसा मानना है की जो भी शनि शिंगनापुर से चोरी करता है उसे शनि भगवान् बड़ी से बड़ी सजा देते है। यहाँ तक की शनि शिन्ग्नापुर में कोई पुलिस स्टेशन भी नही है।
27. भारत में लद्दाख के लेह के पास स्थित एक चुम्बकीय पहाड़ी एक गुरुत्वाकर्षण पहाड़ी के समान है। वह पहाड़ी आसानी से कारो को अपनी तरफ खींचती है और ऊपर चढाने में सहायता करती है।
28. हमने ही मापक की खोज की थी।
29. भारत में ही शैम्पू की खोज हुई है।
30. तीन अलग-अलग प्रारूपो में विश्व चैंपियनशिप जीतने वाले विश्वनाथन आनंद दुनिया के पहले खिलाडी है, वे नाकआउट, टूर्नामेंट और मैच में यह उपलब्धि हासिल की है।
31. चेस का अविष्कार भारत में ही हुआ था।
32. हमारे शर्ट के बटन की खोज भी भारत में ही हुई थी।
33. हीरा खनन की शुरुवात भी भारत में ही हुई।
34. और चंद्रमा पर पानी भी सबसे पहले भारत ने हि खोजा था।
35. 1986 तक, सरकारी तौर पर सिर्फ और सिर्फ भारत में ही हीरा पाया गया था।
36. भारत में डॉलफिन को बैन किया हुआ था, ये कहकर की डॉलफिन इंसानों जैसी नही है।
37. भारतीय तंत्रज्ञान की राजधानी बंगलौर, ने 2006 से 6 गुना अपने ऑफिस की सप्लाई को बढ़ा दिया है और आज बंगलौर के ऑफिसर सिंगापुर में ग्रेड-A के पद पर कार्यरत है।
38. भारत दुनिया का सबसे बड़ा फिल्म निर्माता है।
39. भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादन करने वाला देश है।
40. मर्डर के मामले में भारत शीर्ष पर है (32,719 मर्डर प्रति वर्ष), भारत के बाद में रशिया का नंबर आता है (28,904 मर्डर प्रति वर्ष)।
41. प्रदुषण की समस्याओ को कम करने के उद्देश्य से Zoroastrianism के अनुयायी उनके शवो को जलाते नही है बल्कि वे उन्हें एक बिल्डिंग जिसका नाम “टावर ऑफ़ साइलेंस” है, उसमे रखते है। और शव पूरी तरह सुख जाने के बाद कुए में डाल देते है।
42. कर्मनासा नदी को भारत की शापित नदी कहा जाता है और और ऐसा कहा जाता है की उसके पानी को छूने से आपका विनाश हो सकता है। उस नदी के आस-पास रहने वाले लोग भी केवल सूखे फल ही खाते है क्योकि खाने बनाने के लिये भी पानी की ही जरुरत होती है।
43. भारत में दो मुख्य धर्म बुद्धिज़्म (बुद्ध) और जैनिज़्म (जैन) की स्थापना की गयी है।
44. हिमाचल प्रदेश की क्रिकेट पिच दुनिया की सबसे ऊँची पिच है. यह समुद्री सतह से 2444 मीटर उपर बनायी गयी है।
45. भारत ने ही पाई (Pi) की वैल्यू को खोजा है।
46. भारत में ही ट्रिग्नोमेंट्री, अलजेब्रा और काल्चुस की खोज हुई ही।
47. मोहाली में हुए भारत-पाकिस्तान के वर्ल्ड-कप सेमी-फाइनल मैच को दुनियाभर में तक़रीबन 150 मिलियन लोगो ने देखा था।
48. सचिन तेंदुलकर (क्रिकेट के भगवान-इन्हें तो आप अवश्य जानते हो!)
49. सुपरकंप्यूटर बनाने वाले तीन देशो में से एक भारत भी है। (दुसरे दो US और जापान है।)
50. भारत में हर साल 1.2 मिलियन टन आम की पैदावार होती है, और यह वजन 80000 ब्लू व्हेल के समान है।

Labels: